
कौशांबी संदेश अनुराधा यादव
कौशांबी। सरसवां स्थित ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए पैरेंट्स काउंसलिंग के तीसरे चरण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा के निर्देशानुसार तथा खंड शिक्षा अधिकारी राजीव प्रताप सिंह और जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अवधेश कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विकासखंड सरसवां के कुल 52 दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआरपी पंकज सिंह ने अभिभावकों से दिव्यांग बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उनके साथ सामान्य बच्चों जैसा व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चे कमजोर नहीं होते, बल्कि उन्हें केवल सही मार्गदर्शन और सहयोग की आवश्यकता होती है।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अवधेश कुमार पाण्डेय ने दिव्यांग बच्चों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों की शैक्षिक, सामाजिक और व्यवहारिक समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उनके समाधान के लिए उपयोगी सुझाव भी प्रस्तुत किए।
परामर्शदाताओं के रूप में स्पेशल एजुकेटर शारदा कुमार सिंह और अनिल सिंह, रिसोर्स पर्सन शंकर दयाल (सहायक अध्यापक) एवं अकादमिक रिसोर्स पर्सन पंकज सिंह मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने दिव्यांगता के कारण, उसके प्रकार, आवश्यक सावधानियां, दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध उपकरण, अति गंभीर दिव्यांग बच्चों के लिए होम बेस्ड एजुकेशन, दैनिक जीवन कौशल तथा शिक्षा में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
इसी क्रम में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत अधिगम दिव्यांगता डिस्लेक्सिया की समय पर पहचान और उपयुक्त शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चों की पहचान और उनके प्रबंधन को लेकर अभिभावकों एवं शिक्षकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीआरसी के समस्त स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही।

