
प्रयागराज संवादाता
जीवन रेखा मेडिकेयर अस्पताल का दंश झेल रहे परिजन
किससे करु पुकार सुन लो कलयुग के भगवान
कोरांव /नैनी खीरी थाना के जोरा गांव निवासी विपिन ने रोते हुए जो अपनी आप बीती बयां की वह इन्सानियत ही नहीं कलयुग के भगवान को भी शर्मसार करने वाली है। पत्नी ममता को जीवन रेखा में भर्ती करवाने के बाद डाक्टर अनिल पांडेय ने अपेन्डिक्स बताकर इस तरह इलाज किया कि पिछले चार माह से मां की ममता अपने बच्चों से दूर होकर रह गई।जमीन जायदाद बेचकर भी अभी तक ममता ठीक नहीं हो पाई।पति विपिन ने रोते हुए अपना दुःख बताते हुए कहा कि अब तो दवा खरीदने के पैसे भी नहीं है, रिस्तेदारो ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। घर पर 70 वर्षीय पिता गोमालाल बच्चे विवेक,मनेश व प्रयास की देखभाल कर रहे हैं,वह कैसे होगे कहकर रोने लगा जबकि काफी समय पूर्व उसकी मां का निधन हों चुका है। इस सम्बन्ध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोरांव के अधीक्षक डॉ शमीम अख्तर से बात करने पर बताया गया कि उन्हें किसी नर्सिंग होम के जांच करने का अधिकार नहीं है,हम तब तक कुछ नहीं कर सकते जब तक उपर से कोई आदेश नहीं आता। जबकि इस सम्बन्ध में सी यम ओ प्रयागराज से बात करने पर उनका मोबाइल बन्द रहा।