
नहर विभाग की भ्रष्टाचारी के चलते नही बनी दो सौ मीटर सड़क
सड़क में जानलेवा गड्ढा होने के चलते राहगीर व ब्यापारी गिरकर होते हैं चोटिल
कौशाम्बी जिले मे भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गड्ढा मुक्त सड़कों का ढिढोरा पीट रहे हैं लेकिन यहां की सड़कें अभी भी गड्ढा युक्त जैसे के तैसे पड़ी रह जाती है सरकारी खजाने से बजट निकल जाता है लेकिन सड़के मौके पर नहीं बनाई जाती हैं और उसके बाद झूठी सूचना सरकार को भेज दी जाती है अधिकारियों ने भ्रष्टाचार कर आधी अधूरी सड़क को बनाकर छोड़ दिया जाता है और हेरा फेरी कर सरकार से पैसा पास करवा लिया जाता है किस विभाग ने सड़क बनाई है और किस विभाग के अधिकारियों ने बिना सड़क बनाए रकम निकाल लिया है यह जांच का विषय है लेकिन वर्षों बीत गए हैं अभी तक तो मामले की ना तो जांच हुई है ना दोषियों पर मुकदमा दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी हुई जिससे लचर कानून व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है
चायल तहसील के तिल्हापुर मोड़ से लोधउर बाजार तक वाया तिलगोड़ी आलमपुर मार्ग को बीते वर्ष नहर विभाग के द्वारा बनाया गया था जो लोधउर गांव के बाहर गैस एजेन्सी के पास महज लगभग दो सौ मीटर सड़क बनाने के लिये नहर विभाग के पास बजट नही था या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई जो आज तक वैसे ही पड़ी रह गई जिस पर आये दिन कोई न कोई राहगीर अथवा ब्यापारी गिरकर चोटिल होते रहते हैं जब कि यह लोधउर बाजार जाने का मेन मार्ग है जिसमे आलमपुर बरेठी कमालपुर पेरवा लोधउर तिलगोड़ी व अन्य गांव के ग्रामीण व ब्यापारी आते जाते हैं और गैस एजेन्सी भी है जो गैस सिलेण्डर लेकर बुजुर्ग अथवा छोटे बच्चे आते जाते हैं और गिरते रहते हैं जिसको बार बार शिकायत के बाद भी नही बनाई जाती जिससे साफ जाहिर होता है कि नहर विभाग की भ्रष्टाचारी चरम पर है नवागत जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द सड़कों को गड्ढा मुक्त करें क्या निर्देशों का पालन करते हुए आधिकारी अधूरी पड़ी सड़क को बनाकर पालन करेंगे या फिर सड़क अपनी बदकिस्मती पर आंसू बहाती रहेगी और लोग गिरकर चोटिल होते रहेंगे