[the_ad id="16"]

विवाहिता मांगती रही जिंदगी की भीख पुलिस ने भेज दिया ससुराल हो गई हत्या

विवाहिता की हत्या के बाद एक बार फिर पुलिस के समझौते पर सवाल खड़ा हो गया

विवाहिता की फरियाद पर उसका मुकदमा दर्ज करके ससुरालियों को पुलिस जेल भेज देती तो शायद विवाहिता को न्याय मिल जाता और उसकी हत्या न होती

कौशाम्बी सराय अकिल थाना क्षेत्र के कटैनी गांव की एक विवाहिता अपने ससुराली जनों की प्रताड़ना से पीड़ित होकर पुलिस विभाग से जिंदगी के भीख मांगती रही लेकिन जिंदगी की भीख देने के बजाय पुलिस विभाग ने उसके ससुराल से उसका समझौते की बात करवा करके विवाहिता को फिर उसके ससुराल भेज दिया जहां समझौता के बाद ससुराली जनों ने उसकी हत्या करके आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया है मामले की जानकारी विवाहिता के मायके के लोगों को मिली तो विवाहिता के मायके के लोग उसके ससुराल पहुंच गए और मामले की सूचना पुलिस को दी है मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाहिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है लेकिन जिंदगी की भीख मांगने वाली विवाहिता की हत्या के बाद एक बार फिर पुलिस के समझौते पर सवाल खड़ा हो गया है
जानकारी के मुताबिक सराय अकिल थाना क्षेत्र के इमली गांव निवासी दीपा यादव उम्र लगभग 26 वर्ष पुत्री उमाशंकर यादव की शादी ढाई वर्षो पूर्व मई 2023 में इसी थाना क्षेत्र के बेनीराम कटरा पुलिस चौकी अंतर्गत कटैनी गांव निवासी साहिल यादव पुत्र राम सिंह के साथ हिंदू रीति रिवाज से बड़ी धूमधाम से हुई थी लेकिन शादी में दिए गए दान दहेज से ससुर पति संतुष्ट नहीं थे और आए दिन दीपा यादव के साथ मारपीट लड़ाई झगड़ा और अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव डालते थे पूर्व में भी कई बार विवाहिता की हत्या करने का प्रयास ससुरालियों ने किया था ससुराली जनों की प्रताड़ना से पीड़ित होकर के विवाहिता दीपा यादव ने थाना पुलिस से लेकर के पुलिस अधिकारियों की चौखट पर फरियाद करना शुरू कर दिया उसने बार-बार आशंका जाहिर की दहेज के डिमांड ना पूरी होने पर ससुराल के लोग उसकी हत्या कर देंगे लेकिन पुलिस प्रशासन ने विवाहिता के शिकायती प्रार्थना पत्र को उसके जिंदा रहते हुए गंभीरता से नहीं लिया बल्कि महिला प्रकोष्ठ के जरिए जांच के दौरान विवाहिता को ही दोषी ठहराकर और समझौता करने के नाम पर पति के साथ जाने को उसे मजबूर कर दिया गया पुलिस के दबाव के बाद विवाहिता समझौता के नाम पर ससुराल पहुंच गई जहां 7 नवंबर 2025 की आधी रात को विवाहिता की हत्या कर दी गई है कुछ दिन पहले विवाहिता अपने मायके गई थी लेकिन 2 नवंबर को विवाहित दीपा यादव को उसका पति उसके मायके से बुला लेकर ससुराल आया था और शुक्रवार की रात्रि विवाहिता की योजना बद्ध तरीके से हत्या कर दी गई है जिंदगी की भीख मांगने वाली विवाहिता की जिंदगी पुलिस नहीं बचा सकी है जिससे एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है आखिर समझौते के नाम पर महिला प्रकोष्ठ के जिन पुलिस कर्मियों ने बिना सोचे समझे पीड़ित महिला की बात बिना सुने दंपति के बीच समझौता कराकर विवाहिता को ससुराल भेजा है यदि विवाहिता की फरियाद पर उसका मुकदमा दर्ज करके ससुरालियों को पुलिस जेल भेज देती तो शायद विवाहिता को न्याय मिल जाता और उसकी हत्या न होती विवाहिता के प्रकरण में जांच करने के बाद समझौता कराने वाले पुलिस कर्मियों के कारनामे की जांच होगी और दोषी पुलिस कर्मियों को दंडित किया जाएगा या फिर इसी तरह जिंदगी की भीख मांगने वाले लोगों के साथ समझौते की बात करके विवाद समाप्त होने की बात कराई जाती रहेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

[the_ad id="176"]