कसिया पश्चिम में प्राचीन हनुमान मंदिर तोड़ने के प्रयास से भड़के ग्रामीण, मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम

कौशाम्बी जिले के तहसील सिराथू तहसील क्षेत्र के कसिया पश्चिम गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित करीब 700 वर्ष पुराने प्राचीन हनुमान मंदिर को तोड़े जाने के प्रयास को लेकर गुरुवार को तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए मंदिर को दूसरे स्थान पर स्थापित किए जाने की सहमति पूर्व में बनी थी, लेकिन नए मंदिर भवन का निर्माण पूर्ण हुए बिना ही एनएचएआई अधिकारियों द्वारा पुराने मंदिर को तोड़ने का प्रयास किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता में यह तय हुआ था कि पहले नए स्थान पर मंदिर का निर्माण कराया जाएगा, उसके बाद विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कर हनुमान जी की मूर्ति को नए मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इसके उपरांत ही पुराने मंदिर भवन को हटाकर सड़क निर्माण का कार्य किया जाएगा। उप जिलाधिकारी सिराथू योगेश गौड़ द्वारा नए मंदिर परिसर में 22 जनवरी को मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि भी निर्धारित की जा चुकी है।
इसके बावजूद 8 जनवरी को एनएचएआई के अधिकारी जेसीबी मशीन और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर तोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों और मंदिर के पुजारी को हुई, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू हो गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि बिना नए मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा किए पुराने मंदिर को नहीं तोड़ने दिया जाएगा।
आरोप है कि इस दौरान एनएचएआई के कुछ अधिकारियों ने मंदिर के पुजारी से अभद्र व्यवहार किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी सिराथू योगेश गौड़ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। उन्होंने ग्रामीणों व पुजारी को आश्वासन दिया कि नए मंदिर भवन के निर्माण और मूर्ति की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा के बाद ही पुराने मंदिर को हटाया जाएगा। साथ ही एसडीएम ने एनएचएआई अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर और उसके आसपास मंदिर की संपत्ति के साथ-साथ कई साधु-संतों और सन्यासियों की समाधियां भी स्थित हैं, जो जनआस्था का केंद्र हैं। इस प्राचीन मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना और भंडारे में शामिल होने पहुंचते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के नाम पर धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल के साथ की जा रही कथित जल्दबाजी और तानाशाही रवैये को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Marketing Hack4U