आकांक्षी ब्लाक व माडल गांव का कोरम पूरा,57 गांवों का विकास आज भी अधूरा

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आज भी नाली और कूड़ा से पटे कई गांवों के रास्ते लोगों को गंदगी में आने जाने को मजबूर

कौशाम्बी संदेश रोहित मिश्रा

कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश में 68 ब्लाकों को आकांक्षी ब्लाक का दर्जा दिया गया जिसमे जनपद कौशाम्बी के विकास खंड कौशाम्बी आकांक्षी ब्लाक में शामिल किया गया है, और रैंकिंग में दूसरा स्थान जनपद को मिला लेकिन यहां के लोगों की आकांक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा है। इस ब्लाक के 28 ग्राम पंचायत को स्वच्छ भारत मिशन के तहत माडल गांव के रूप में चयनित किया गया है। स्वच्छता के लिए इन गांवों पर करोड़ों की रकम खर्च की जा चुकी है, लेकिन इन गांवों में स्वच्छता की किरण अभी तक नहीं दिखाई दे रही है। इससे स्वच्छ भारत मिशन अभियान का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। विकास खंड कौशाम्बी में 57 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें से वित्तीय वर्ष 2022-2023 में रकसराई, म्योहर, कनैली, रक्सवारा, बिदांव, कोसम इनाम को माडल गांव चयनित किया गया था। और अधिकारियों द्वारा चौपाल लगा कर सपने दिखा कर दोबारा नहीं देखने गए गांवों की हकीकत, जैसे कोसम इनाम के आमाकुआं का हेल्थ वेनशन सेंटर नही है ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विभाग को सामुदायिक भवन के बगल में या फिर किसी अन्य जगह जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास किया लेकिन विभागीय लोग ध्यान नहीं दिया और ठंडे बस्ते में डाल दिया गया ,वैसे ही चयनित माडल गांवों में स्वच्छता से संबंधित विभिन्न कार्यों सहित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र कई महीने पहले बन कर तैयार हो चुके हैं और ई-रिक्शा भी खरीदे जा चुके हैं। यह सब महज शोपीस बन कर रह गए हैं। इन केंद्रों का निर्माण पूरा कर जिम्मेदारों ने ताला जड़ दिया है और ई-रिक्शा धूल फांक रहे हैं। जबकि, इनके संचालन की जिम्मेदारी गांव पंचायतों को दी गई थी। गांव का रूट मैप तैयार कर ई-रिक्शा से डोर टू डोर कचरा संग्रहण कर केंद्रों पर पहुंचाना था। वहां से कचरे को पृथक कर थर्माकोल, गत्ता, कागज, पालीथिन, कांच के बाटल, टीन के बाटल को अलग-अलग नाडेप में एकत्रित करना था। इसी को बेच कर ग्राम पंचायतों को होने वाले आय से केंद्रों का संचालन करना था, लेकिन जिम्मेदार इस कार्य में रुचि न ले कर स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं। माडल गांवों के साथ साथ अन्य ग्राम पंचायतों जैसे मेडुआ सलेमपुर ,अवाना आलमपुर,गोहरा महरूफपुर, चक एलई रोशन, इटैला,म्योहार,सहित दर्जनों गांवों में रोड और सीसी रोड में बहता गंदा पानी ,ध्वस्त शौचालयों, बंद हेल्थ वेनशन सेंटर जैसे ग्रामीणों को आकांक्षी ब्लाक का दर्जा पा चुके गांवों को बात हजम होती नही दिख रही है । जब हकीकत जानने के लिए ए.डी.ओ.पंचायत कौशाम्बी , विकास खंड अधिकारी कौशाम्बी संपर्क किया गया तो फोन उठाना उचित नहीं समझे।

Kaushambi Sandesh
Author: Kaushambi Sandesh

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