79 साल बाद भी विकास से कोसों दूर अमरुपुर का डेरा ग्रामीण पगडंडी पर चलने को मजबूर

कौशाम्बी संदेश मंजीत कुमार
कौशाम्बी जनपद देश को आजाद हुए 79 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन जनपद कौशाम्बी के मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जाफरपुर महावा ग्राम सभा के अमरुपुर का डेरा गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है गांव के करीब 150 परिवार वर्षों से सड़क नाली और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं ग्रामीणों के अनुसार बस्ती तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्की सड़क नहीं है लोगों को कीचड़ भरी पगडंडी से आवागमन करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है स्कूल जाने वाले बच्चे चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ से गुजरने को मजबूर हैं जबकि महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। मरीजों को चारपाई या कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रमों में भी दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है दलित बस्ती होने के बावजूद आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क निर्माण नाली व्यवस्था और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी यदि बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकीं तो यह विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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