
अवैध तरीके से चलने वाले अस्पतालों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कुछ महीनो के बीच गलत इलाज के चलते दर्जनों लोगों की हो चुकी है मौत
कौशांबी जिले में निजी नर्सिंग होम मौत का अड्डा बनते जा रहे हैं।आए दिन मामूली मर्ज पर निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत हो जाती है लेकिन गलत तरीके से चलने वाले अस्पतालों को बंद करने का प्रयास मुख्य चिकित्सा अधिकारी नहीं कर रहे हैं। आखिर गलत अस्पतालों से मुख्य चिकित्सा अधिकारी का क्या निजी स्वार्थ छिपा है जिसके चलते वह गलत तरीके से चलने वाले अस्पतालों को नहीं बंद कर रहे हैं। बीते कुछ महीने के बीच गलत इलाज के चलते दर्जनों मरीज की मामूली मर्ज में मौत हो चुकी है जिसके बाद पूरे स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। चरवा थाना क्षेत्र के आस्था हॉस्पिटल में बुखार से पीड़ित महिला मरीज को इंजेक्शन लगाते ही बीती रात मरीज की मौत हो गई है। कथित डॉक्टर ने मरीज को कौन सा इंजेक्शन लगाया है इस बारे में वह कुछ बताने को भी तैयार नहीं है वही लोगों की बातों को माने तो मरीज को जहर का इंजेक्शन लगा दिया गया है जिससे मरीज की मौत हो गई है। अब डॉक्टर ने मरीज को जानबूझकर जहर का इंजेक्शन लगाया है या भूल से मरीज को जहर का इंजेक्शन कथित डॉक्टर ने लगा दिया है यह तो जांच का विषय है। मरीज की मौत के बाद मौके पर तमाम लोग एकत्रित हो गए और हंगामा करने लगे हैं। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई है। घटना को 12 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद अभी तक अस्पताल को सीज करके अस्पताल संचालक को गिरफ्तार नहीं किया गया है जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में खड़ी है। बिना मेडिकल स्टोर लाइसेंस के अस्पतालों में मेडिकल स्टोर खोल दिया गया है इस पर भी सवाल खड़ा है।
जानकारी के मुताबिक चरवा थाना क्षेत्र के सैय्यद सरावां ग्राम के मजरा कूड़ा पुर की उर्मिला देवी पत्नी राजेश कुमार को बुखार आ गया था। उर्मिला को बुखार आने के बाद राजेश कुमार उसे लेकर आस्था अस्पताल चरवा पहुंचे जहां उन्होंने मरीज को भर्ती कर दिया और कथित डॉक्टर ने जितनी रकम की डिमांड की राजेश कुमार ने अस्पताल संचालक को दे दी इसके बाद डॉक्टर ने महिला मरीज को एक इंजेक्शन लगाया और इंजेक्शन लगाते ही महिला मरीज तड़पने लगी और देखते-देखते कुछ देर में महिला मरीज की तड़प तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई है महिला मरीज की मौत होते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए मरीज की मौत की जानकारी मिलते ही गांव परिवार रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे हैं मरीज की मौत की जानकारी मिलते ही थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है मृतक महिला के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है लेकिन सवाल उठता है कि बुखार पीड़ित को कथित डॉक्टर ने कौन सा इंजेक्शन लगा दिया गया है जिससे इंजेक्शन लगाते ही मरीज की दर्दनाक मौत हो गई है कहीं मरीज को जहर का इंजेक्शन तो डॉक्टर ने नहीं लगा दिया है जिससे तुरंत मरीज की मौत हो गई है यह बड़ी जांच का विषय है।
कुछ दिन पहले चरवा थाना क्षेत्र के बेरुवा चौराहे में भी एक मरीज को मेडिकल स्टोर संचालक कथित डॉक्टर ने जहर का इंजेक्शन लगा दिया था जिससे मरीज की तुरंत दर्दनाक मौत हो गई थी मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है लेकिन आगे की कार्यवाही रद्दी में चली गई है स्वास्थ्य विभाग के रहमों करम पर कथित डॉक्टर अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं जिनका उद्देश्य केवल धन वसूली तक सीमित है अनुभव योग्यता और डिग्री ना होने के बाद भी बिना पंजीकरण के बड़े-बड़े अस्पताल बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर चल रहे हैं लेकिन उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग धृतराष्ट्र बना हुआ है जिससे मरीजों की मौत लगातार हो रही है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
