भक्तों की रक्षा करने स्वयं भगवान धरती पर अवतरित होते हैं स्वामी आशीष जी महाराज
जब गोवर्धन पर्वत को उठाया

प्रयागराज कोरांव बागी बब्बन
नगर पंचायत कोरांव में श्री मद्भागवत कथा के दौरान स्वामी आशीष जी महाराज ने आज श्री कृष्ण की बाल लीला का वृस्तित वर्णन करते हुए कहा कि बाल्यावस्था में कंस ने श्री कृष्ण को मरवाने का प्रयास किया। ओर विशाल काय पूतना का बध ही नहीं किया जब इन्द्र ने जल बृष्टि कि तो एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्वालों की रक्षा की। इतना ही संदीपन आश्रम में सुदामा व कृष्ण की मित्रता का सुन्दर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सदिपन आश्रम में लकड़ी तोड़ने वन जातें समय गुरू माता द्धारा दिए हुए चने को अकेले क्यो खाया, क्योंकि चना श्रापित था। पोटली को देखते हुए ही सुदामा जो ज्ञानी थे ,उन्होंने विचार किया कि यदि मेरा मित्र यदि यह श्रापित चना खा लेगा तो वह गरीब हो जाएगा। ब्राह्मण कुल में हू मैं तो भिक्षा यापन कर अपना जीवन यापन कर ही लूंगा।पर यदि हमारा मित्र गरीब रहेगा तो उसका जीवन कष्टमय हो जाएगा। जिससे स्वयं गरीब बनना स्वीकार किया और मित्र धर्म का पालन किया, जिससे सुनकर श्रोता गण ओत प्रोत हो गये ।जिसमें जजमान सारों देबी तथा आयोजक धनश्याम दास केशरी, धर्मेंद्र केशरी, सहित नगर वासी उपस्थित रहे।

Kaushambi Sandesh
Author: Kaushambi Sandesh

Contact number 7394947972

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें