10 में से 3 शिकायती पत्र का मौके पर हुआ निस्तारण
कौशाम्बी संदेश राहुल यादव
कौशाम्बी
1987 में, संसद द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम पारित किया गया, जो समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी समान नेटवर्क स्थापित करने के लिए 9 नवंबर, 1995 को लागू हुआ

। जिला न्यायधीश/अध्यक्ष जिला विधिक प्राधिकरण कौशाम्बी अनुपम कुमार के निर्देश पर शनिवार को थाना दिवस के अवसर पर करारी थाना परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण का आयोजन किया गया।आयोजन में पी एल वी कृष्णा मयूर ने विधिक सेवा प्राधिकरण के विषय में थाना आए फरियादियों को विस्तृत जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य सभी को विधिक जागरूकता से सशक्त बनाना और समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को विधिक सहायता प्रदान करना है।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन (1995) से ही प्रतिवर्ष 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य निःशुल्क विधिक सहायता और वैकल्पिक विवाद समाधान पद्धतियों के बारे में जागरूकता पैदा करने पर केंद्रित है।निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, निचली अदालतों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और तहसील विधिक सेवा समिति काम कर रहे हैं जो महिलाओं और हाशिए के समुदायों सहित समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। बताया की यदि किसी को जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपए से कम है तो वह निःशुल्क इस सेवा का लाभ ले सकता है। साथ ही ट्रॉल फ्री नंबर 15100 पर काल करके सहायता ,जानकारी ले सकता है
थाना समाधान दिवस के अवसर पर करारी थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत सिंह ,नायब तहसीलदार ओम प्रकाश सिंह की संयुक्त टीम ने 10 में से 3 शिकायती पत्र का मौके पर ही निस्तारित कर दिया है बांकी के 7 शिकायती पत्र का निस्तारण जांच उपरांत किया जाएगा। थाना समाधान दिवस में क्षेत्र के सभी लेखपाल कानूनगो उपस्थित रहे।
