अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कौशाम्बी पुलिस की मानवीय पहल – बेटे ने मांगी माफी, वृद्ध माता-पिता को मिला घर और सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कौशाम्बी पुलिस की मानवीय पहल – बेटे ने मांगी माफी, वृद्ध माता-पिता को मिला घर और सम्मान

कौशाम्बी संदेश आर्या शुक्ला जिला कार्यालय

कौशाम्बी/अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कौशाम्बी जिले में एक भावुक घटना ने मानवता की एक नई मिसाल पेश की। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी, बृजेश कुमार श्रीवास्तव की जनसुनवाई में एक वृद्ध महिला ने अपने आंसुओं में डूबी पीड़ा व्यक्त करते हुए पुलिस कार्यालय में गुहार लगाई।

उन्होंने अपने बेटे और बहू पर घर से निकालने और भूख से तड़पाने का गंभीर आरोप लगाया। इस दर्दभरी आवाज़ ने पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्यवाही के लिए प्रेरित किया।
पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बिना विलंब के थाना प्रभारी कोखराज को निर्देश दिया कि वे तत्काल मौके पर जाकर सत्यता की जांच करें और वृद्ध महिला के साथ न्याय सुनिश्चित करें। जब थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे, तो वृद्ध महिला का बेटा और बहू गायब मिले। परंतु, पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता ने मामले को ऐसे ही छोड़ने नहीं दिया।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के पावन अवसर पर क्षेत्राधिकारी सिराथू अवधेश विश्वकर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेटे से गहन वार्ता की और उसे उसके कर्तव्यों का बोध कराया। मानवीय संवेदना और वृद्ध माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना जगाकर, क्षेत्राधिकारी ने बेटे के हृदय में पश्चाताप की चिंगारी जलाई। युवक ने अपनी गलती मानते हुए माता-पिता से हाथ जोड़कर क्षमा मांगी और पुनः उन्हें अपने घर में सम्मान सहित स्थान दिया। साथ ही, भविष्य में उनकी देखभाल करने का पक्का भरोसा दिलाया।
यह घटना केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती दूरी और दरारों को पाटने की कोशिश का प्रतीक है। कौशाम्बी पुलिस की यह मानवीय पहल यह साबित करती है कि सही समय पर सही कदम उठाने से टूटते रिश्तों को फिर से जोड़ा जा सकता है। वृद्धजन दिवस पर यह प्रयास वृद्ध माता-पिता के सम्मान और अधिकारों की पुनर्स्थापना के रूप में एक प्रेरणादायक कदम बनकर उभरा है।

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