बांग्लादेश के हिंदुओं को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरे हिंदू संगठन

हिंदू रक्षा समिति के बैनर तले एकत्रित हुए सैकड़ों कार्यकर्ता

कौशाम्बी संदेश शैलेंद्र द्विवेदी

कौशाम्बी। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के के विरोध में भारत में प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। शनिवार को जिला मुख्यालय मंझनपुर स्थित डायट मैदान में हिंदू धर्म रक्षा समिति के बैनर तले पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकत्रित हुए। साथ ही सड़कों पर प्रदर्शन किया। बाद में कलेक्ट पहुंच कर अपर जिला अधिकारी को राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन देकर हिंदुओं के रक्षा की मांग की।
हिंदू रक्षा समिति के बैनर तले शनिवार को सुबह 11 बजे मंझनपुर के डायट मैदान में सैकड़ो पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकत्रित हुए। राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री नीलमणि ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। हिंदू बहन-बेटियों और बच्चों के प्रति किए जा रहे जघन्य अपराधों, जैसे बलात्कार और अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। बांग्लादेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सीमा पर घुसपैठ के पर्यटन को रोका जाए। अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। महिलाएं बच्चे हिंसा का शिकार हो रहे हैं पीड़ित अल्पसंख्यक हिंदुओं की हालत बाद से बदतर हो रही है।भारत सरकार हिंदुओं की रक्षा के लिए बांग्लादेश का सहयोग करें बांग्लादेश में सभी हिंदू अल्पसंख्यक, बौद्ध ,जैन को समान अधिकार प्राप्त कराया जाए। ज्ञापन लेने के बाद अपर जिला अधिकारी ने आश्वासन दिया कि राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। विरोध प्रदर्शन में पूर्व सांसद विनोद सोनकर सिराथू के पूर्व विधायक शीतला प्रसाद पटेल, मंझनपुर के vपूर्व विधायक लाल बहादुर चौधरी, आशुतोष कुमार मुख्य वक्ता हाई कोर्ट, अजय पांडेय विभाग उपाध्यक्ष प्रयागराज, धर्मराज मौर्य जिला अध्यक्ष भाजपा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सिराथू जितेंद्र सोनकर, मोहनलाल, अनीता त्रिपाठी, अवधेश नारायण शुक्ल जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद, शिवपूजन रही, राम अभिलाष, नीरज साहू , विवेक जायसवाल, संजय जयसवाल, आशीष केसरवानी, रूपेंद्र शर्मा , राजेंद्र पाल, समर बहादुर , शशि कला रिंकू केसरवानी, दीपक वर्मा, राम अभिलाष, विश्व हिंदू परिषद के कोषाध्यक्ष नरेंद्र साहू आदि मौजूद रहे।

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