
कौशांबी, कोखराज थाना क्षेत्र में गंगा नदी में बिना किसी आदेश के जहर डालकर मछलियों को मारने का अवैध धंधा जोरों पर है। आरोप है कि कुछ लोग रोजाना लाखों रुपये की मछलियां निकालकर बेच रहे हैं। इससे न सिर्फ जलीय जीवन खतरे में है बल्कि गंगा का पानी भी जहरीला हो रहा है।
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए मत्स्य विभाग और कोखराज थाना पुलिस एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मत्स्य विभाग का कहना है कि अवैध शिकार रोकना पुलिस की जिम्मेदारी है, जबकि पुलिस का दावा है कि नदी में मछली पकड़ने की निगरानी मत्स्य विभाग का काम है। दोनों की इस खींचतान में अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय मछुआरों और पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि जहर डालने से छोटी-बड़ी सभी मछलियां मर जाती हैं। इससे गंगा का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ रहा है। साथ ही जहरीली मछली बाजार में पहुंचने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गंगा में जहर डालकर मछली मारने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह तय किया जाए कि इस अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है। नदी में पेट्रोलिंग बढ़ाने और दोषियों पर रासुका लगाने की भी मांग उठ रही है।
इस संबंध में मत्स्य विभाग के अधिकारी और कोखराज थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका।
📍 *गंगा नदी क्षेत्र, थाना कोखराज, कौशांबी
