जिलाधिकारी ने अधिकारियों/लेखपालों एवं कानून-गो के साथ बैठक कर आईजीआरएस के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का लिया फीडबैक
विभागाध्यक्ष आईजीआरएस की शिकायत का निस्तारण करते समय आख्या फोटो सहित ही लगायें
कौशाम्बी संदेश
कौशाम्बी।/ चायल तहसील दिवस के तत्पश्चात जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा अधिकारियों/लेखपालों एवं कानून-गो के साथ आईजीआरएस के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सम्बन्ध में बैठक की गई।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा तहसील स्तर पर लम्बित शिकायतों के फीडबैक की जानकारी प्राप्त की गई,

फीडबैक असंतुष्ट पाया गया,
जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाय एवं सभी फीडबैक अवश्य लियें जाय। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं सम्बन्धित थाने के थानाध्यक्ष सप्ताह में 2-3 शिकायतों को मौके पर स्वयं जाकर चेक करें तथा सत्यापन भी करें। उन्हांने लेखपालों एवं कानून-गो को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर प्रकरण डिफाल्टर न होने पाये। इसके साथ ही उन्हांने कहा कि विभागाध्यक्ष आईजीआरएस की शिकायत का निस्तारण करते समय आख्या फोटो सहित अवश्य लगायें। निस्तारण की आख्या प्राप्त करने के बाद अधिकारी शिकायतकर्ता से स्वयं वार्ता कर फीडबैक प्राप्त करें। उन्हांने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि कोई शिकायत आपके विभाग की नहीं है, तो उसे उसी दिन सम्बन्धित विभाग को प्रेषित किया जाय एवं संयुक्त रूप से उसका निस्तारण कराया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में अक्सर लिख दिया जाता है कि प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन/स्टे है, ऐसी स्थिति में आप लोग प्रकरण की स्पष्ट आख्या ही लगायें, कि प्ररकरण किन कारणों से न्यायालय में विचारधीन/स्टे हैं। उन्हांने कहा कि आईजीआरएस की शिकायत शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में एक है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता क्षम्य नहीं होगी इस अवसर पर उप जिलाधिकारी योगेश कुमार गोंड, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अंकिता पाठक सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।
