काहे करें घमण्ड रे प्राणी तू अपने धन दौलत का।सबकुछ छूटेगा यही पर बुलबुला है तू पानी खौलत का

मनुष्य का जीवन एक पतंग के डोर की भांति है ना जाने धागा कब टूट जाए जिला मंत्री राजेश तिवारी

काहे करें घमण्ड रे प्राणी तू अपने धन दौलत का।सबकुछ छूटेगा यही पर बुलबुला है तू पानी खौलत का

कौशाम्बी संदेश
प्रयागराज।मनुष्य का जीवन एक पतंग के डोर की भांति है ना जाने धागा कब टूट जाए यह अभिव्यक्ति एशोसिएशन बोरिंग टेक्नीशियन प्रयागराज के जिला मंत्री राजेश तिवारी ने समाजसेवी राजीव मिश्रा से उनके छोटे भाई स्व० मनोज मिश्रा(बबलू पयासी) के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करते हुए उनके निज निवास उरुवा प्रयागराज में कही

। संज्ञानित कराते चले कि जिला मंत्री वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला के साथ समाजसेवी राजीव मिश्रा के घर पहुँचे थे।जिला मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनुष्य का जीवन एक पतंग के डोर के भाँति है ना जाने धागा कब टूट जाए। जिला मंत्री ने आगे कहा कि मनुष्य को कभी भी अपने धन दौलत एवं शक्ति पर घमण्ड एवं अहंकार नहीं करना चाहिए क्योंकि ना जाने कितने राजा रंक हो गए और ना जाने कितने रंक राजा हो गए।यह समय परिवर्तनशील है।मनुष्य जो कुछ भी पाता वह यही से और अन्ततः उसे सब यही पर छोड़कर जाना होता है और अपने किए गए कर्मानुसार ही उसे अगला जन्म प्राप्त होता है परन्तु यह सर्वथा सत्य है कि बुरे काम का बुरा नतीजा एवं सही काम का सही नतीजा होता है। जिला मंत्री ने आगे कहा कि वस्तुतः मनुष्य का जन्म इस धरती पर केवल सत्य एवं न्याय को अपने आत्मा में परिलक्षित करने के लिए हुआ है क्योंकि संसार के अन्य प्राणी सत्य एवं न्याय के बारे में कुछ भी नही जानते।कर्म प्रधान है जो जैसा करता है उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है।दया,प्रेम,परोपकार एवं सहानुभूति ही मनुष्य के असली धन हैं यदि यह गुण मनुष्य में नही हैं तो उसका मानव जन्म बिल्कुल ही व्यर्थ है।जिला मंत्री ने मानव हित में एक कवित्य कहा कि काहे करें घमण्ड रे प्राणी तू अपने धन दौलत का,सबकुछ छूटेगा यही पर बुलबुला है तू पानी खौलत का।इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला ने कहा कि जिला मंत्री द्वारा कितना ही सुन्दर वर्णन मानव चरित्र में वास्तविक जीवन पर प्रकाश डाला गया।जिला मंत्री के एक एक शब्द सदैव मानव कल्याणकारी होते हैं जो हूबहू पवित्र गीता ग्रन्थ से मिलते जुलते हैं।वास्तव में मनुष्य को अपने जीवन में किस तरह जीवन जीना चाहिए उसकी एक प्रसांगिक रुपरेखा जिला मंत्री द्वारा प्रस्तुत की गयी।इस मार्मिक शोक संवेदना के अवसर पर आचार्य प्रकाशानन्द महराज,शिक्षाविद राम प्रसाद पटेल,एडवोकेट कल्लू शुक्ला एवं रवि कुमार सहित बहुत से क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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