पीट पीटकर चचेरे भाई की बेरहमी से हत्या
एक दिन पहले भी हुआ था दोनों परिवारों में विवाद नहीं चेती थाना पुलिस
कौशाम्बी संदेश
कौशाम्बी। सराय अकिल थाना क्षेत्र के अकबराबाद गुहौली गांव में गुरुवार को दिन दहाड़े लोहे के रॉड से पीट पीटकर भाई ने चचेरे भाई की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दिया है

दिनदहाड़े हत्या की वारदात के बाद एक बार फिर इलाके में भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है और पुलिसिया कानून की धज्जियां उड़ रही है हत्या की जानकारी मिलते ही मौके पर तमाम ग्रामीणों की भीड़ लग गई मामले की सूचना पुलिस को दी गई सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस फोर्स ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है हत्या के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है एक दिन पहले बुधवार को दोनों परिवारों के बीच जमकर विवाद हुआ था लेकिन थाना पुलिस ने दो परिवारों के बीच जमीनी विवाद को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जिससे दूसरे दिन हत्या की घटना घटित हो गई है मामले में थाना पुलिस की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक सराय अकिल थाना क्षेत्र के अकबराबाद गुहौली गांव में पैतृक संपत्ति के विवाद को लेकर दो सगे भाइयों कुलदीप यादव पुत्र केमल प्रसाद यादव व महराजे यादव पुत्र केमल प्रसाद यादव के परिवार के मध्य लम्वे समय से विवाद चल रहा है बुधवार को भी जमकर विवाद हुआ था गुरुवार को हुए विवाद में कुलदीप यादव के पुत्र संदीप यादव को लोहे के रॉड से पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया है जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा गया जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया ,पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हत्या के बाद फिर उजागर हुई अधिकारियों की लापरवाही
कौशाम्बी/सराय अकिल थाना क्षेत्र के अकबराबाद गुहौली गांव में दोनों परिवार के बीच लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है और बार-बार थाना समाधान दिवस तहसील समाधान दिवस से लेकर अधिकारियों की चौखट पर जमीनी विवाद निस्तारण करने के लिए पीड़ित परिवार द्वारा फरियाद की गई लेकिन जमीनी विवाद के मामले में बार-बार गुणवत्तापूर्ण त्वरित न्याय पूर्ण निस्तारण करने के अधिकारियों के निर्देश के बाद भी थाना पुलिस और संबंधित राजस्व विभाग ने जमीनी विवाद का निस्तारण नहीं किया जिसके चलते हत्या की घटना गुरुवार को देखने को मिली है इस हत्या के बाद एक बार फिर थानेदार और संबंधित राजस्व के अधिकारियों की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि यदि मामले का निस्तारण समय रहते कर दिया होता तो हत्या की वारदात न होती राजस्व के मामले के निस्तारण में लापरवाही करने वाले थानेदार और राजस्व अधिकारियों पर आला अधिकारी क्या कार्यवाही करेंगे यह बड़ा सवाल खड़ा है।
