
सारे संसार को चलाने वाली,
एक ही ताकत है,एक ही शक्ति है
उस शक्ति का नाम ,हमने प्यार में परमात्मा रख दिया है
उसे हम ईश्वर,अल्लाह,वाहे गुरू आदि अनेक नामों से
पुकारते हैं, ” पर है वो एक ही ताकत ”
इस संसार में सब कुछ ,अपने समय से होता है
समय पर जन्म होता है ,समय पर मृत्यु होती है
समय पर ही सफलता या असफलता मिलती है
कुछ भी समय से पहले ,नहीं मिलता है
हमें तो, उस मालिक ने ,निमित्त मात्र बनाया हुआ है
ऐसा ,जो जानता है और विश्वास करता है..
कि “विपत्ति और सम्पत्ति “देवयोग से ,समय आने पर ही घटती है , वह सदा संतुष्ट रहता है ।
जब समय होगा,फसल पकेगी और काट लेंगे ।
जब सुबह होगी,सूरज निकलेगा,धूप सेक लेंगे ।
जब रात होगी,विश्राम करेंगे,खा पीकर आराम करेंगे ।
सब छोड़ छाड़ कर निद्रा की गोद में सो जायेंगे ।
सब काम अपने समय से हो रहा है ।
उसकी मर्जी से ही हो रहा है ।
अशांति तो,तब पैदा होती है
जब हम ,समय से पहले मांगते हैं
अपने हिसाब से मांगते हैं
हमारे हिसाब से कम या ज्यादा हो जाये
हम कुछ मांगने के लिए प्रभु से प्रार्थना नहीं करनी चाहिए
अपितु बिन मांगे, उन्होंने जो दिया है
उसका धन्यवाद करते हुए ,उन्हें याद करना चाहिए ।
सब कुछ तो, उसका ही दिया हुआ है
उसने जीवन दिया इतना सुन्दर और पूरा शरीर दिया ..
खाने पीने के लिए जल दिया,अनेकों पदार्थ दिये हैं
इन सबके लिए ,उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए
शुक्रिया करने के लिए ,उसके नाम का गुणगान करना चाहिए,नाम का सिमरन करना चाहिए ।
कौशांबी संदेश गणेश अग्रहरि ब्यूरो प्रमुख
