
कौशाम्बी। कोखराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम सुखऊ का पूरा आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। गांव के चारों ओर फैली नदी और नालों के कारण ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुँचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब खेतों तक जाने वाले रास्ते पूरी तरह डूब जाते हैं।
किसानों का कहना है कि नाव से खेत जाने में समय और श्रम दोनों की अधिक बर्बादी होती है। कई बार नाव उपलब्ध न होने पर लोग अपने खेतों तक नहीं पहुँच पाते, जिससे खेती का काम प्रभावित होता है। सबसे ज्यादा कठिनाई बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ती है। ग्रामीण बताते हैं कि नाव से खेत जाते समय दुर्घटनाओं का भय हमेशा बना रहता है और कई बार नाव पलटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
खेती गांव की मुख्य आजीविका है, लेकिन खेतों तक आसानी से न पहुँच पाने के कारण किसान समय पर बुवाई और कटाई नहीं कर पाते। इसका सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि खेतों तक पहुंचने के लिए यदि पक्के रास्ते या पुलिया का निर्माण कर दिया जाए तो यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी सुखऊ गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि किसान अपने खेतों तक सुरक्षित और आसानी से पहुँच सकें।
Author: Kaushambi Sandesh
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