
जनपद कौशांबी के विकास खंड कड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत सिपाह स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र में गौवंशों की दुर्दशा ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र में रह रहे कई गौवंश गंभीर रूप से बीमार हैं, लेकिन पशु चिकित्सक अधिकारी, ग्राम प्रधान श्रीमती प्रीती देवी और ग्राम सचिव निखिल सिंह द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय ग्रामीणों व सूत्रों के अनुसार, गौवंशों को सिर्फ सूखा चारा दिया जा रहा है और इलाज की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।
*6 केयरटेकर तैनात, फिर भी देखरेख शून्य!*
सूत्रों की मानें तो गौशाला में कुल छह केयरटेकर की नियुक्ति की गई है, लेकिन किसी की भी उपस्थिति या जिम्मेदारी निभाते नहीं देखा गया। गौवंश बिना देखभाल के तड़प रहे हैं, जिससे कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
*अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल*
स्थानीय लोगों में रोष है कि जब मामले की जानकारी पशु चिकित्सक अधिकारी से लेकर ग्राम प्रधान व सचिव तक को दी गई, तो भी किसी ने सुध नहीं ली। इन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
*क्या कहता है प्रशासन?*
इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि इस गौशाला की तत्काल जांच हो, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
*ग्रामीणों की चेतावनी*
अगर जल्द ही गौवंशों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
Author: Kaushambi Sandesh
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