कौशांबी संदेश, शैलेंद्र द्विवेदी।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, नई दिल्ली द्वारा थाई मांगुर मछली के पालन/बिक्रय एवं इसके मत्स्य बीज उत्पादन वितरण तथा तालाबों में संचय को उसके अत्याधिक मांसाहारी प्रवृत्ति के कारण अन्य स्थानीय जलीय जीव जन्तु एवं गछलियों के अस्तित्व के खतरे को देखते हुऐ इस प्रजाति के पालन को पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध कर दिया गया है तथा इस प्रजाति के मछलियों का पालन कर रहें मत्स्य पालकों को चिन्हांकन कर तत्काल उपलब्ध स्टॉक को नष्ट करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद में थाई मांगुर मछलियों के पालन/बिक्र तथा इस प्रजाति के मत्स्य बीज उत्पादन संचय एवं विक्रय को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करते हुऐ सम्बन्धित मत्स्य पालकों को निर्देशित किया है. कि इस प्रजाति की मछलियॉ/मत्स्य बीज स्टॉक को तत्काल नष्ट कर दे, अन्यथा गठित टास्कफोर्स टीम के द्वारा विनिष्टीकरण की कार्यवाही की जायेंगी एवं विनिष्टीकरण पर होने वाले व्यय सम्बन्धित मत्स्य पालकों से वसूल कर, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेंगी।
