कौशाम्बी संदेश राहुल यादव
कौशाम्बी /खंडदेवरा पारा हसनपुर करारी में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ अशोक पटेल द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला कार्यक्रम का आयोजन किया गया रामलीला में तीसरे दिन सीता हरण मंचन किया गया कथा प्रसंग के अनुसार सूर्पनखा आती है

अपना कुरूप भेष धारण करके और प्रभु को देख करके मोहित हो जाती है उसके बाद वह सुंदर भेष बनाकर के आती है श्री राम जी के सामने अपने विवाह का प्रस्ताव रखती है भगवान मना कर देते हैं क्योंकि भगवान एक नारी व्रत का पालन करने वाले थे उसके बाद प्रभु ने भैया लक्ष्मण से विवाह करने का इशारा किया वह लक्ष्मण जी के पास जाती है और लक्ष्मण जी उसके नाक और कान काट लेते हैं अपने भाई खर दूषण के पास जा कर बिलाप करती है 14000 सेना लेकर के खर दूषण आक्रमण कर देते हैं प्रभु सम्मोहन बाद का प्रयोग करके एक ही साथ सभी को मार देते हैं प्रभु का सम्मोहन बार ऐसा था की रक्षास एक दूसरे को राम रूप में देख करके एक एक दूसरे को मार देते उसके बाद सूर्पनखा अपने भाई रावण के पास जाती है और रावण को उकसाती है कि मेरी ऐसी स्थिति हो गई तुम्हारे रहते और तुम कुछ कर नहीं रहे हो रावण मामा मारीच के पास जाकर सहायता मांगता है मामा सोने का हिरन बन कर प्रभु के पास जाता है प्रभु श्री राम को बहकाता है प्रभु श्री राम मृग का वध करने के लिए जाते हैं जहां मारीच प्रभु श्रीराम की आवाज में पुकार लगाता है प्रभु श्रीराम की आवाज सुनकर माता सीता भयभीत हो जाती है और भैया लक्ष्मण को जाने का आदेश देती है माता के आदेश पर लक्ष्मण कुटिया छोड़कर प्रभु श्रीराम की सहायता के लिए चले जाते हैं तब रावण साधु का भेष बनाकर आता है और सीता जी का हरण कर लेता है
