जलनिकासी,गंदगी,टूटे नाली और रास्तों से फैली गंदगी में लोग रहने को मजबूर
कौशाम्बी सन्देश राहुल यादव करारी
कौशाम्बी–
सदर ब्लॉक का पिपरकुंडी गांव आजादी के 75 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। गांव में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सफाई व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। नालियां या तो ध्वस्त है या फिर चोक है

। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से घरों का गंदा पानी रास्तों पर बहता है। इससे लोगों को राह चलने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलजमाव मच्छरों का भी प्रकोप है। ग्रामीण ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
करारी इलाके का पिपरकुंडी गांव आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिला मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद पिपरकुंडी गांव की कुल आबादी करीब तीन हजार की है। जिसमें आधी आबादी अनुसूचित जाति के लोगों की है। गांव के विकास की बात की जाए तो यहां सिर्फ कागज पर विकास कार्य हो रहे हैं। गांव के दलित बस्ती में तो अत्यधिक समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है। नालियां ध्वस्त और चोक है। रास्ते भी ध्वस्त है। घरों का गंदा पानी रास्तों पर भरा है।

आलम यह है कि जलभराव से उठते दुर्गंध से लोगों का श्वांस लेना मुहाल है। गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। लोगों को डेंगू मलेरिया आदि बीमारी फैलने का भय सता रहा है। लोग कीचड़नुमा रास्ते से चलने पर मजबूर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि सफाईकर्मी कभी नही आता है। ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी कुछ सुनते नही हैं। मनमानी पर उतारू हैं। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
????रास्ते में जलभराव रहता है। लोगों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रही है। गांव की बदहाली की शिकायत अधिकारियों से कई बार की गई है। लेकिन सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिलता है। जिम्मेदार मनमानी पर उतारू हैं। ग्रामीण परेशान हैं।
????गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सफाईकर्मी सिर्फ हाजिरी लगाकर रफूचक्कर हो जाता है। गंदगी से उठते दुर्गंध से श्वास लेना दूभर हो रहा है। लोग नरकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। शिकायत के बाद भी प्रधान और सेक्रेटरी ध्यान नहीं देते हैं।
????गांव में एक बड़ा नाला का निर्माण होना है। जिला पंचायत से टेंडर हो चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य कराया जायेगा। सिर्फ एक सफाई कर्मी है। अभियान चलाकर गांव में सफाई कराई जाएगी।
