जहरीली राखड को आदिवासी समाज के बस्तियों के आसपास गिराने का कार्य जोरों पर।

प्रयागराज।बारा तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत विकास खण्ड शंकरगढ़ पीपीजीसीएल कंपनी से प्रतिदिन निकलने वाला सैकड़ो ट्रक राखड़ एवं दूषित पानी को मनमानी तरीके से फेंका व बहाया जा रहा है। आलम यह है कि स्थानीय जिम्मेदार सिर्फ मूक दर्शक बनकर नजारा देखने में मस्त हैं। क्षेत्रीय जनों का जीवन संकट मय हो गया है। बारा से गौहानी मार्ग पीपीजीसीएल कंपनी से चलने वाले वाहनों के ओवरलोड से पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। ठेकेदारों द्वारा की जा रही इस मनमानी से लोगों में काफी आक्रोश है।आदिवासी बस्तियों के लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि अब हम लोगों का जीवन संकटमय हो गया है। भारतीय किसान यूनियन भानु के मंडल महासचिव व अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बारा विधायक को पत्र लिखकर इसे रोके जाने की मांग की है त्रिपाठी ने बताया कि कंपनी से निकलने वाले दूषित पानी एवं जहरीले राखड़ को बिना दस्तावेज व मानक को दर किनार कर आदिवासी बस्तियों में गिराई जा रही है। जिससे असाध्य बीमारी टीवी, दमा, कैंसर, चर्म रोग आदि से आने वाली पीढ़ी रोग ग्रस्त हो घुट घुट कर जीवन यापन करने को मजबूर होगी।कंपनी द्वारा क्षेत्र के जनमानस को निःशुल्क बिजली, दवा ,शिक्षा नहीं मुहैया कराई जा रही है ऊपर से क्षेत्र में जहरीला राखड़ को गिराकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे न्याय हित में रोका जाना आवश्यक है और उचित जगह पर दूषित पानी और राखड़ का संग्रह किया जाए जिससे लोगों के संकटमय जीवन को बचाया जा सके।

ब्यूरो प्रयागराज कौशाम्बी सन्देश।

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Author: Kaushambi Sandesh

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