
कौशाम्बी। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। DM ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य समय पर हो, इसके लिए सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए।
बैठक में DM ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि आपदा की घड़ी में लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
DM के मुख्य निर्देश:
1. *खाद्य-सामग्री व पशुचारा*: जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्य सामग्री और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से भूसा टेंडर की प्रगति की जानकारी ली। आवश्यक कार्यवाहियां शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
2. *शेल्टर होम व कनेक्टिविटी*: सभी उप जिलाधिकारियों को शेल्टर होम का निरीक्षण कर पहुंच मार्ग सत्यापित करने, कम्युनिकेशन प्लान तैयार करने और आपदा मित्रों का सहयोग लेने के निर्देश।
3. *बचाव उपकरण*: गोताखोरों के साथ बैठक कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, लाइफ जैकेट वितरण और बाढ़ राहत कार्यों को प्रभावी बनाने पर जोर।
4. *कंट्रोल रूम*: सभी उप जिलाधिकारियों को कंट्रोल रूम सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कराने के आदेश।
DM डॉ. अमित पाल ने चेतावनी दी कि बाढ़ की संभावना को देखते हुए कोई भी अधिकारी काम में ढिलाई न बरते। हर विभाग अपनी जिम्मेदारी समयबद्ध तरीके से निभाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाए।
उन्होंने कहा: “आपदा में फंसे लोगों तक राहत सामग्री, भोजन और मेडिकल सहायता तुरंत पहुंचे, यही हमारी प्राथमिकता है। सभी अधिकारी 24×7 अलर्ट मोड में रहें”।
बैठक में सभी SDMs, DSO, CMO, पशुपालन, सिंचाई, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े।