
कौशाम्बी संदेश संवाददाता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में मानसून, मौसम की स्थिति, पेयजल आपूर्ति और भूजल संरक्षण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सिंचाई, पंचायती राज, भूगर्भ जल, नमामि गंगे, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।CM योगी ने साफ कहा: मौसम अनिश्चित है, कम बारिश की संभावना है। इसलिए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाओ। पानी की एक बूंद भी व्यर्थ न जाए। PM मोदी के ‘कैच द रेन’ अभियान को और धार दो। प्रदेश में कहीं भी पेयजल संकट न होने पाए।समीक्षा में CM योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए अभी से तैयार रहो। जल संकट रोकने के लिए अभी से काम शुरू करो।
CM बोले: “पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। हर छत, हर आंगन, हर खेत से बारिश का पानी जमीन में जाना चाहिए। PM मोदी के आह्वान पर ‘कैच द रेन’ को स्कूल-कॉलेज, पंचायत और मोहल्ले तक ले जाओ”।
CM ने सिंचाई, पंचायती राज, भूगर्भ जल, नमामि गंगे, राजस्व और कृषि विभाग को मिलकर समेकित कार्ययोजना बनाने को कहा। इस प्लान में 3 फोकस रहेंगे:
1. *जल संरक्षण*: तालाब, पोखर, नदी-नालों का रिचार्ज। अवैध बोरिंग पर रोक।
2. *हरित ऊर्जा*: सोलर पंप और सोलर प्लांट से सिंचाई को जोड़ो।
3. *आधुनिक सिंचाई*: ड्रिप, स्प्रिंकलर जैसी तकनीक को किसानों तक पहुंचाओ। पानी कम, फसल ज्यादा।
CM ने अमृत सरोवरों के संरक्षण पर जोर दिया। कहा: हर अमृत सरोवर की सफाई और रखरखाव नियमित हो। अतिक्रमण हटाओ, चारों तरफ पेड़ लगाओ। ये गांव के जल और जीविका का केंद्र बनें।
साथ ही सभी सरकारी भवनों – सचिवालय, DM कार्यालय, स्कूल, अस्पताल की छतों पर वर्षाजल संचयन सिस्टम लगाना अनिवार्य किया। CM बोले: “सरकारी भवन ही जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनें। जनता वहीं से सीखेगी”।
पेयजल पर सख्ती: 24×7 सप्लाई का टारगेट*
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए CM ने कहा कि ग्रामीण-शहरी किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की शिकायत न आए। हैंडपंप, पाइपलाइन, वाटर टैंक की मरम्मत मानसून से पहले पूरी करो। टैंकर माफिया पर नजर रखो।