
मंझनपुर: तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ओसा में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति, ओसा में उर्वरक (खाद) के लिए किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है। किसान सुबह 8 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं ताकि उन्हें दो बोरी खाद मिल सके। खेतों में फसल बोने का समय होने के बावजूद किसानों को दिनभर लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है। जब भी खाद वितरण का समय आता है, तब सहकारी समितियों में भीड़ और अव्यवस्था बढ़ जाती है। कई बार पूरी लाइन में खड़े रहने के बाद भी किसानों को निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ता है।
किसानों ने बताया कि देश का अन्नदाता जब इस तरह से परेशान रहेगा तो विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है? कृषि प्रधान देश में किसानों की समस्याओं को लेकर न तो सरकार की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है और न ही विभागीय कर्मचारी कोई जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
साल में केवल दो बार किसानों को उर्वरक की आवश्यकता होती है, लेकिन इसके लिए भी उन्हें तमाम औपचारिकताओं और नियमों से गुजरना पड़ता है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कृषि कार्य करना दिन-ब-दिन कठिन होता जाएगा।

