कौशांबी में चीफ जस्टिस गवई छात्रों से बोले- 20 सालों से हमारे पारिवारिक संबंध हैं

भारत के चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई कौशांबी के आलमचंद गांव स्थित इंटर कॉलेज में 11 बजे पहुंचे। इस दौरान चीफ जस्टिस गवई ने छात्रों से कहा- कल का भारत कैसा रहेगा ये आप पर निर्भर है। आप कैसी शिक्षा ले रहे हैं और क्या बनना चाहते हैं। महात्मा गांधी के विचारों को आदर्श मानते हुए आगे बढ़ें। इस विद्यालय में आपको अच्छी शिक्षा मिल रही है।इस दौरान उन्होंने कहा- मैं यह बताना चाहूंगा की मैं यहां पर चीफ जस्टिस नहीं बल्कि जस्टिस विक्रम नाथ का बड़ा भाई होने के नाते आया हूं। विक्रम से हमारे 20 साल पुराने संबंध हैं। मेरी उनसे पहली मुलाकात चित्रकूट के न्यायाधीश बनने के समय 2019 में हुई थी। उस समय वह इलाहाबाद के जज थे। एक कार्यक्रम में हम दोनों की मुलाकात हुई थी। जहां से हमारे भाईयों जैसे संबंध हो गए हैं। तीन-चार साल पहले ही मैंने सोचा था की मैं कौशांबी जरूर आऊंगा। लेकिन मैंने संकल्प लिया की जब मैं चीफ जस्टिस बनूंगा तब कौशांबी आऊंगा। मेरा यह संकल्प आज पूरा हुआ है।
उनके साथ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय अरुण भंसाली भी मौजूद हैं। दोनों माननीय न्यायाधीश आलमचंद स्थित महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के संस्थापक स्व. देवेंद्रनाथ की स्मृति में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। कॉलेज के प्रबंधक वत्सल नाथ ने चीफ जस्टिस का स्वागत सत्कार किया। इस दौरान प्रधानाचार्य जितेन्द्र नाथ श्रीवास्तव कुलपति इलाहाबाद विश्वविद्यालय की संगीता श्रीवास्तव मौजूद रहे। कॉलेज के प्रबंधक वत्सल नाथ हाईकोर्ट के जज रहे हैं। उन्होंने ही वार्षिकोत्सव में सीजेआई को आमंत्रित किया था।
मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल सुबह से ही मौके पर तैनात हैं। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया

चीफ जस्टिस गवई कॉलेज में छात्रों को सम्मानित करने के बाद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक सेमिनार में भाग लेंगे और नए भवनों का उद्घाटन करेंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित कांस्टीट्यूशन एंड कांस्टीट्यूशनलिज्म : द फिलोस्फी आफ डा. बीआर आंबेडकर विषय पर सेमिनार में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गवई लेक्चर काम्पलेक्स, केमेस्ट्री विभाग के नए भवन और न्यू लाइब्रेरी बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे।

कौन हैं चीफ जस्टिस गवई

12 नवंबर 2005 को बॉम्बे उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश रहे। मुंबई स्थित मुख्य पीठ के साथ-साथ नागपुर, औरंगाबाद और पणजी स्थित पीठों में सभी प्रकार के कार्यभार संभाले। इसके बाद उन्होंने 24 मई 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए। 14 मई 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश की शपथ ली।

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