
हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) — प्रदेश में विकास के दावों के बीच ज़मीनी हकीकत एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। जिला हमीरपुर में एक गर्भवती महिला रेशमा को प्रसव पीड़ा उठने पर परिवारजनों को मजबूरन बैलगाड़ी पर लिटाकर करीब 3 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव से अस्पताल तक जाने वाला रास्ता कीचड़ और दलदल से भरा हुआ है, जिस कारण एंबुलेंस चालक ने आने से मना कर दिया। आखिरकार परिजन बैलगाड़ी का सहारा लेकर किसी तरह रेशमा को सरकारी अस्पताल पहुंचाने में सफल हुए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह रास्ता महीनों तक इसी हालत में रहता है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। गांव वालों ने सरकार से जल्द से जल्द सड़क मरम्मत और एंबुलेंस सुविधा की व्यवस्था करने की मांग की है।
