
ग्रामीणों को भारी दिक्कतें, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल*
कौशांबी। थाना पश्चिम शरीर क्षेत्र के अंतर्गत पभोसा घाट में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने और धार बदलने से स्थानीय ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। नदी की तेज धारा और भूमि कटान के चलते गांवों को जोड़ने वाले रास्ते टूट गए हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि जानवरों को लाने-ले जाने में काफी कठिनाई हो रही है। प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था जरूर की गई है, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम या चिकित्सकीय सुविधा से लैस राहत दल अब तक तैनात नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यमुना के तराई क्षेत्र और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बरसात के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर दोबा पहाड़ जैसे स्थलों पर दूर-दराज से लोग बाढ़ का नजारा देखने पहुंचते हैं, जिससे वहां मेला जैसा माहौल बन जाता है। इस भीड़भाड़ और तेज धारा को देखते हुए किसी भी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें:
क्षेत्र में 24 घंटे प्रशासनिक निगरानी की व्यवस्था हो
यमुना के किनारे और पहाड़ी क्षेत्र में बाढ़ राहत केंद्र की स्थापना की जाए
मेडिकल सुविधा से युक्त मोबाइल टीम तैनात की जाए
एनडीआरएफ व आपदा प्रबंधन बल को क्षेत्र में अलर्ट मोड पर रखा जाए
दोबा पहाड़ पर मेला जैसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाए
Author: Kaushambi Sandesh
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