
ग्राम बैंगवा फतेहपुर कौशांबी मे मनाया गया विश्व मृदा दिवस का आयोजन
कौशाम्बी संदेश शैलेंद्र द्विवेदी
कौशाम्बी। मृदा वैज्ञानिक डा.मनोज कुमार सिंह ने उपस्थित अन्नदाताओ को बताया कि जीवन में मिट्टी का विशेष महत्व है। इसकी गुणवत्ता को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया जाता है। मृदा यानी मिट्टी मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण संसाधन है।विश्व मृदा दिवस की विश्व मृदा दिवस 2024 (डब्ल्यूएसडी) अभियान,जिसकी थीम है,मिट्टी की देखभाल: माप, निगरानी, प्रबंधन,है,जोकि मिट्टी की विशेषताओं को समझने और खाद्य सुरक्षा के लिए स्थायी मृदा प्रबंधन पर सूचित निर्णय लेने में सटीक मृदा डेटा और सूचना के महत्व को रेखांकित करता है।डा.मनोज ने आगे बताते हुए कहा कि मिट्टी हमारी कृषि, भोजन और जलवायु संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है,दुनिया में लगभग 95% खाद्य पदार्थ मिट्टी पर निर्भर हैं,मृदा की उपजाऊ क्षमता को बनाए रखना खाद्य सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन मिट्टी के घटते स्वास्थ्य के कारण पर्यावरणीय असंतुलन, जैव विविधता में गिरावट, और कृषि उत्पादकता में कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं,जिसके लिएसंतुलित उर्वरक प्रयोग,सूक्ष्म जीवाणुओ की उपलब्धता के गोबर की कंपोस्ट का अधिक प्रयोग पर विशेष बल दिया जाए।आज विश्व मृदा दिवस पर हम सभी जागरूकता अभियान,कार्यशाला और चर्चाओं का आयोजन कर रहे है,जिससे टिकाऊ कृषि पद्धतियों और मृदा संरक्षण के उपायों को बढ़ावा दिया जा सके।यह केवल किसानों की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह मिट्टी के स्वास्थ्य का ध्यान रखे।आमंत्रित व्याख्याता के रूप कृषि विभाग के एडीओ एग्रीकल्चर डा.जगदीश ने उपस्थित प्रतिभागियो को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिवस मिट्टी के महत्व को समझने और इसके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।कृषि विभाग की संचालित योजनाओ यथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्र पर अनुदान,आकांक्षी विकास खंड के अधीन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि,फार्मर रजिस्ट्री ड्रिप स्प्रिंलकर आदि के साथ साथ पंक्तिबद्ध बुवाई के विषय मे विस्तृत जानकारी प्रदान की।उक्त अवसर कृषक अनुज ने उपस्थित सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम मे कृषक चीन बाबू,शिवमोहन लाल, सोनू कुमार, शिवबाबू आदि उपस्थित रहे
