
गुरुवार को 2400 दीपों से दीपयज्ञ का आयोजन हुआ सम्पन्न
◆ सैकड़ों परिजनों ने यज्ञ के साथ कराए विभिन्न संस्कार
◆ प्रातः 6 बजे से कार्यक्रम पंडाल में आयोजित होता था योग का सत्र
कौशाम्बी: कौशाम्बी जनपद के करारी नगर में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित हो रहे 24 कुण्डीय शक्तिसंवर्धन गायत्री महायज्ञ का आयोजन शुक्रवार को शांतिकुंज से आई टोली के विदाई के साथ संपन्न हुआ।
करारी नगर में कोतवाली के समीप 26 नवंबर से 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर में कलश यात्रा निकाल कर किया गया। कलश यात्रा में महिलाएं 108 कलश के साथ, प्रज्ञा पुराण, झंडा, सदवाक्य दफ़्ती आदि लेकर चल रहीं थीं। उसके बाद शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे टोली नायक आचार्य राम तपस्या जी ने संगीतमय प्रवचन किया। प्रवचन का आयोजन प्रतिदिन शाम 5 बजे से होता था जो 28 नवंबर तक चला। 28 नवंबर शाम को प्रवचन के बाद 2400 दीपों से दीपयज्ञ का आयोजन हुआ। दीपों को सजाने का कार्य गायत्री परिवार की कार्यक्रम उपाचार्य बहनों ने किया। दीपों के जलते ही मंत्रोच्चार के साथ पूरा पंडाल भक्ति भाव से सराबोर हो गया।
28 एवं 29 नवंबर को महायज्ञ के साथ ही पुंसवन संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, दीक्षा आदि संस्कार सम्पन्न हुए। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने यह संस्कार पंजीकरण कराते हुए प्राप्त किया। कार्यक्रम में 50 से अधिक महिलाओं ने दीक्षा संस्कार प्राप्त कर यज्ञोपवीत धारण किया। 27 से 29 नवंबर तक सुबह 8 बजे से चलने वाले महायज्ञ में हजारों की संख्या में जनपद के साथ ही अन्य जनपद से आए लोगों ने प्रतिभाग किया।
शांतिकुंज के टोली नायक राम तपस्या जी ने बताया कि गायत्री परिवार का आयोजन मानव को महामानव व मनुष्य में देवत्व के उदय के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। प्रवचन के माध्यम से बताया गया कि हमें अपने कार्यों के साथ ही समाज और राष्ट्र को समर्थ, सशक्त बनाने के लिए भी सोचने, विचारने और कार्य करने की आवश्यकता है। समाज में जाति पाति जैसी अनेक प्रकार की कुरीतियां फैली हुई हैं जिसका उन्मूलन आवश्यक है। नारी जागरण से लेकर पर्यावरण संरक्षण के विषय पर भी आचार्य जी का मार्गदर्शन प्रवचन के माध्यम से सभी को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला समन्वयक घनश्याम सिंह, जिला संयोजक डॉ झुन्नू शास्त्री, सहसंयोजक सुरेश जायसवाल, युवा प्रकोष्ठ संयोजक धर्मेंद्र सोनी, मंच संचालक डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, योग आचार्य राधिका कुशवाहा, नरेश चंद्र, उमेश केसरवानी, राकेश अग्रहरि, वीरेंद्र जायसवाल, सौरभ वर्मा, प्रेमलता, नीरज देवी, शिखा कुशवाहा, सीता केसरवानी, तनुश्री, महिमा, सुनीता, आकाश वैदिक, उमेश निषाद, राजेन्द्र प्रसाद, मनोज केसरवानी, कामता प्रसाद आदि लोग रहें।
