असत्य कभी विजय पा नही सकता सत्य पर यही सच्चाई है।सत्य सर्वदा अपराजित है यही जगत की अच्छाई है
कौशाम्बी संदेश
प्रयागराज।असत्य पर सत्य,अधर्म पर धर्म एवं अन्याय पर न्याय का प्रतीक है विजय दशमी का पर्व दशहरा यह अभिव्यक्ति एशोसिएशन बोरिंग टेक्नीशियन प्रयागराज के जिला मंत्री राजेश तिवारी ने लाल गंज मिर्जापुर के रामलीला मैदान में रावण,कुम्भकरण एवं मेघनाथ के पुतला दहन के दौरान अपने बीच स्थित सभी प्रियजनों से कही।

संज्ञानित कराते चले कि आज दिन शनिवार को विजय दशमी के पर्व दशहरा के दिन जिला मंत्री अपने प्रियजनों के साथ लाल गंज मिर्जापुर पहुँचे थे और यहां पर रावण,कुम्भकरण एवं मेघनाथ के पुतले विजय दशमी पर प्रत्येक वर्ष जलाए जाते हैं।जिला मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि असत्य पर सत्य,अधर्म पर धर्म एवं अन्याय पर न्याय का प्रतीक है विजय दशमी का पर्व दशहरा।जिला मंत्री ने आगे यह भी कहा कि दशहरा का अर्थ है कि दश+हरा अर्थात रावण के दश सिरों का हरण। आज ही के दिन प्रभू श्री राम ने रावण के दश सिरों को काटकर क्षत विक्षत कर अन्ततः उसे मृत्यु के सैया पर लिटा दिया था तभी से इस पर्व का नाम दशहरा के नाम से विख्यात हो गया और यह पर्व हिन्दुओं का सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रमुख पर्वों में से एक है जिसे प्रत्येक वर्ष विजय दशमी के रुप में मनाया जाता है।जिला मंत्री ने यह भी अवगत कराया कि रावण बहुत ही क्रूर एवं निर्दयी था जो ऋषि मुनियों सहित संसार के सभी प्राणियों को सदैव दुःख पहुँचाता था यह तक कि देवताओं को भी अपने घर के दिवालों में चुनवा दिया था।उस समय रावण के चलने पर पृथ्वी भी डगमग डगमग करती थी और पूरे संसार में त्राहि त्राहि मची हुई थी।तब श्री हरि विष्णु भगवान प्रभू श्री राम के रुप में अवतरित हो इस रावण रुपी राक्षस का वध कर संसार के सभी प्राणियों की रक्षा की एवं देवताओं को भी राक्षस रावण के चंगुल से मुक्ति दिलायी एवं पृथ्वी माता के ऊपर से रावण रुपी राक्षस का भार हटाया।इस रावण, कुम्भकरण एवं मेघनाथ के पुतला दहन के दौरान आचार्य प्रकाशानन्द महराज,वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण राज सिंह, शिक्षाविद कमलेश पाण्डेय, शिक्षाविद राम प्रसाद पटेल, शिक्षाविद जोखू लाल पटेल एवं अजय कुमार विश्वकर्मा सहित आस पास बहुतायत लोग मौजूद रहे।
