कथा सुनने के लिए भक्तों की जुट रही है भरी भीड़
कौशाम्बी संदेश
कौशाम्बी/चरवा नगर पंचायत के केशी का पूरा में श्री मद भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। कथा का शुभारंभ 4 अक्टूबर शनिवार को कलश यात्रा के साथ शुरू हुईं। 9 दिन चलने वाली भागवत कथा में आज चौथे दिन कथाकार अतुल जी महराज ने भागवत कथा के कई रोचक प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रोताओं को भावविभोर किया।

आज उन्होंने बताया कि कैसे राजा परीक्षित के सोने के मुकुट में कैसे कलयुग प्रवेश करता है और कैसे राजा परीक्षित कलयुग के प्रवेश करते ही उनके जीवन में कैसे भूचाल आने लगता है। वहीं एक विशेष संदर्भ में समाज को एक अच्छा संदेश देते हुए कहा की जीवन में कभी भी वो आचरण दूसरों के लिए नहीं करना चाहिए जो स्वयं को अच्छी न लगती हो। स्वयं सोचिए कभी आप को कोई गलत बात या अशोभनीय बात बोले तो आपको बहुत बुरा लगेगा , तो सोचिए जब आप दूसरों को वही बात बोलते होगे तो उसको कैसा लगता होगा इस लिए हमेशा जो बात दूसरों की आपको अच्छी नहीं लगती वो बात आप कभी भी दूसरों के लिए कभी आप प्रयोग में मत लाइए। तो आप देखेंगे की आपके जीवन में कैसे चमत्कार होता है। ऐसे ही तमाम प्रसंगों का वर्णन करते हुए चौथे दिन की कथा का समापन हुआ। इस कथा के यजमान झल्लर मिश्र और उनकी अर्धांगिनी विद्यावती मिश्र है। कथा का आयोजन रवि मिश्रा, देवेश मिश्रा , पिंटू मिश्रा, आदि ने किया कथा का समापन 13 अक्टूबर रविवार को होगा।
