भागवत श्रवण करने से मिलता है मोक्ष
कौशाम्बी संदेश
कौशाम्बी/क्षेत्र में चल रही सप्त दिवस की कथा की प्रथम दिवस की द्वितीय वेला में पूज्य अतुल महाराज द्वारा कथा वाचन में आए हुए श्रद्धालुओं से निवेदन किया गया की भागवत ही मोक्ष का मूल साधन है ज्ञान की दृष्टि से तो बहुत सारे शास्त्र और पुराण सनातन धर्म में हैं, परंतु मोक्ष की दृष्टि से भागवत ही सर्वश्रेष्ठ है

। भागवत सुनने से जीव पावन हो जाता है, मां का मातृत्व पूर्ण हो जाता है जिस भूमि पर भागवत होती हैं, वह भूमि पुण्यशील हो जाती हैं। और स्वर्ग में विराजमान पितृगण भी धन्य हो जाते हैं। वह संतान धन्य है जो अपने मां के स्तनों को पान कर माता-पिता के मोक्ष हेतु भागवत का आयोजन करता है।

इस जीवन में भागवत के आयोजन से अधिक श्रेष्ठ परमार्थ का कोई कार्य नहीं। भागवत कथा के आयोजन से हजारों लाखों श्रद्धालुओं को कथा सुनकर के उनके हृदय को तृप्ति होती है शीतलता प्राप्त होती है। इसलिए भागवत सुनने और सुनाने का कलयुग में श्रेष्ठ महत्व बताया गया है। कथा में क्षेत्रवासी विद्यमान रहे।
