बाधाओ से मुक्ति के लिये भक्तों ने की ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा,परिवार के सुख शांति के लिए माता से कामना
कौशाम्बी संदेश आर्या शुक्ला
कौशाम्बी। 51शाक्तिपीठ कडाधाम में नवरात्रि के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।सुबह से ही भक्त कडा के विभिन्न घाटो पर स्नान कर माता शीतला के दरबार पहुंचे।नवरात्रि के दूसरे दिन भक्तों ने माता ब्राम्हाचारिणी स्वरूप की पूजा की इनकी पूजा का पौराणिक महत्व बताया गया है कि इनकी पूजा करने से मनुष्य के सभी कार्य पूरे होते है और कार्यो में आनेवाली वाली रुकावटें ,बाधाएं दूर हो जाती

हैं ,तप,त्याग,आंतरिक शाक्ति जैसे गुणो की प्राप्ती होती है और इनके आशीर्वाद से सभी तरह की परेशानिया खत्म होती हैं। माता ब्राम्हाचारिणी को उमा,अर्पणा, तपश्चारिणी नामो से भी जाना जाता है।मान्यता हैं कि सती के आत्मदह कर लेने के बाद पार्वती का जन्म हुआ और भगवान शंकर से विवाह के लिये हजारों सालो तक तपस्या की थी।माता ब्राह्मणचारिणी की पूजा के लिये पीले या सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए।तथा इन्हें चीनी से बनी वस्तुएं अत्यंत प्रिय है और अडहूल फूल,कमल,लौग,अक्षत,इलायची, अर्पित करना चाहिए।नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करना चाहिए इससे भक्तो की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।मां ब्राम्हाचारिणी के लिए ऊं ऐं नमः मंत्र जाप करना चाहिए।कडाधाम में नवरात्रि के दूसरे दिन प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही वही कडाधाम थानाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह मय फोर्स मेंले व मंन्दिर का निरीक्षण करते दिखे।
