कान्हा की 1.76 लाख गायों को लंपी बीमारी का खतरा
44 हजार गायों को लगा टीका,अभी टीकाकरण अभियान है जारी
कौशाम्बी संदेश
कौशाम्बी
कौशांबी में गोवंश पर लंपी वायरस का गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने तेजी से गोवंशों का टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण के बाद गोवंश में लंपी वायरस का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
जनपद की गौशालाओं में कुल 1.76 लाख गोवंश हैं। बारिश के मौसम में इन गोवंशों पर लंपी वायरस का खतरा अधिक बढ़ जाता है। यह वायरस मवेशियों के शरीर पर बड़ी-बड़ी गांठें बना देता है, जो कभी-कभी पककर फूट जाती हैं और सड़न पैदा करती हैं। इससे मवेशी की जान जाने का खतरा भी बना रहता है, जबकि दुधारू मवेशियों में दूध उत्पादन कम हो जाता है या पूरी तरह बंद हो जाता है।
इस स्थिति को देखते हुए, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सागर ने बताया कि 15 सितंबर से गोवंशों को लंपी रोधी टीके लगाए जा रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर टीकाकरण कर रही हैं। शनिवार तक 44 हज़ार से अधिक गोवंशों को टीका लगाया जा चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक जिले के सभी गोवंशों का टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा।
डॉ. सागर ने जानकारी दी कि लंपी वायरस मुख्य रूप से मक्खियों, मच्छरों और टिक्स के जरिए एक पशु से दूसरे पशु में फैलता है। संक्रमित पशु को तेज बुखार, भूख में कमी और शरीर पर गांठें पड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि वे अपने मवेशियों को संक्रमण से बचाने के लिए 25 लीटर पानी में नीम की पत्तियों का पेस्ट और 100 ग्राम फिटकरी मिलाकर नहलाएं।
इसके अलावा, मवेशियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला, अश्वगंधा, गिलोय और मुलेठी में से किसी एक को 20 ग्राम की मात्रा में गुड़ के साथ मिलाकर सुबह-शाम खिलाने की भी सलाह दी गई है। पशु चिकित्सा विभाग की इस मुहिम से उम्मीद की जा रही है कि जिले में गोवंश को लंपी वायरस के खतरों से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
