मानवाधिकार से सम्बंधित प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर डीआरएम के साथ हुई बैठक
कौशाम्बी संदेश ज़ैगम अब्बास रिज़वी
प्रयागराज। प्रयागराज मानवाधिकार टीम में रेलवे स्टेशन प्रयागराज में डी आर एम हिमांशु के सहयोग से मानवाधिकार से संबंधित एक संगोष्ठी/बैठक प्रदेश मानवाधिकार संगठन के बैनर तले आयोजित हुई।

इस संगोष्ठी का सुचारू रूप से संयोजन स्टेशन निदेशक दिलीप द्विवेदी जी द्वारा किया गया। इस बैठक की शुरुवात प्रदेश मानवाधिकार संगठन, भारत के चेयरमैन डॉक्टर अरविंद सिंह जी द्वारा की गई। जिसमें मानवाधिकारों से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा और सभी का एक दूसरे को सहयोग करने पर ज़ोर दिया गया। मानवाधिकारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हेतु जीआरपी की तरफ़ से वरिष्ठ उप निरीक्षक मोहम्मद ग़ुलाम अली, आरपीएफ़ का प्रतिनिधित्व उप निरीक्षक ओम प्रकाश जी ने किया।मानवाधिकारों और बच्चों की सुरक्षा और सहयोग हेतु प्रयागराज स्टेशन पर अंजली शुक्ला, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर, सीमा पाल सुपरवाईजर जी की उपस्थिति बल प्रदान करती है।स्टेशन मैनेजर ठाकुर नित्य अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। प्रदेश मानवाधिकार संगठन की ओर से वाईस प्रेसिडेंट मिसेज़ लुसिल सिद्दीक़ी जी ने संगठन की ओर से महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया, लकी सिद्दीकी ने कहा कि मानव अधिकार क्या है पहले तो यह हम महिलाओं को समझ लेना चाहिए और अपने अधिकार की लड़ाई कैसे लड़नी है,यह आपको मानवाधिकार सीखता है। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश पांडेय जी उपस्थित रहकर मुद्दों को बारीकी से परखकर, विभिन्न मीडिया के स्रोतो पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने का कार्य किया- निष्कर्ष: मानवाधिकार कानून, रेलवे नीतियां और जीआरपी और आरपीएफ जैसे कानून प्रवर्तन तंत्र रेलवे प्रणाली के भीतर कमजोर परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करते हैं। बचाव अभियान, निगरानी, सार्वजनिक जागरूकता और अंतर-एजेंसी समन्वय का संयोजन परिवहन के लिए रेलवे का उपयोग करते समय बच्चों को नुकसान से बचाने में मदद करता है। हालाँकि, किसी भी अंतराल को पाटने के लिए समन्वय, प्रशिक्षण और सार्वजनिक जागरूकता में सुधार महत्वपूर्ण है।
