प्रधान और सेक्रेटरी विकास के पैसों का किए बंदरबांट ग्राम सभा में नहीं दिखा कोई विकास
कौशाम्बी संदेश राहुल यादव
कौशाम्बी
मंझनपुर ब्लाक के अड़हरा गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।बजबजाती नालियां,रास्ते में बहता गंदा पानी,जगह–जगह लगा कूड़ा कचरा का ढेर खुद ब खुद गांव की दुर्दशा बयां कर रहा है।गांव में फैली गंदगी से जहां लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है।जल निकसी व इंटरलाकिंग न होने से ग्रामीणों को पैदल चलने में भी काफी परेशानी हो रही है।



लोग बताते हैं कि ग्राम प्रधान और सचिव सरकारी धन का बंदरबांट कर लेते हैं।यही कारण है कि गांव में विकास कार्य सिर्फ कागज तक ही सीमित है।
अड़हरा ग्राम सभा में कुल मजरा पांच है। बड़ा अड़हरा,छोटा अड़हरा,सलरहा,बर्गत तरे,खरगू का पुरवा है। ग्राम सभा की कुल आबादी करीब तीन हजार की है। तो वही दलित बस्ती में विकास कार्य शून्य है। ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की उदासीनता से गांव का विकास कार्य पूरी तरह से चौपट हो गया है। हालात ये है कि कई जगह सड़के पूरी तरह बेकार है।कई सालों से इंटर लॉकिंग भी नही हुई है।कई जगह गांव के अंदर नालियां ही नहीं बनी।जहां नाली बनी भी है तो वह पूरी तरह से चोक है। वहाँ से लोगो का निकलना दुश्वार है। स्वच्छता अभियान की पूरी तरह से धज्जियां उड़ गई है। बजबजाती नालियां,जगह जगह कूड़े का ढेर होने से लोगों को सांस लेना दूभर हो गया है।लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे आए दिन गिरकर चोंटिल हो रहे हैं।समस्याओं का निस्तारण करने के बजाए ग्राम प्रधान व सचिव कागजी कोरम पूरा कर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रहे है।जिम्मेदारों की कमाऊ नीति से जहां विकास कार्य ठप हो गया है तो वहीं ग्रामीण नरकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा तन्मयता से ग्राम सभा के विकास कार्यों की जांच कराई गई तो ग्राम प्रधान व सचिव के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की पोल खुलना तय है। मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा ग्राम सभा की जांच करा कर अधूरे कार्यों को पूरा कराया जाएगा और जो भ्रष्ट पाए गए उस पर कार्रवाई भी की जाएग
????गांव में काफी समस्या है। गांव में सफाई नही होती है। जल निकासी न होने से रास्ते मे नालियों का गंदा पानी बहता रहता है। गंदगी होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू मलेरिया आदि बीमारी का भी सताता रहता है।शिकायत करने पर भी समस्या का निस्तारण नही किया जा रहा है।
*रामदीन सरोज*
????दलित बस्ती होने की वजह से ग्राम प्रधान व सचिव से कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुनाई नही होती । जल निकासी व सड़क बनाने के लिये कहने पर बजट न होने की बात कह कर टालते है प्रधान व सचिव। सेक्रेटरी सिर्फ प्रधान के घर हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। ग्रामीणों की कोई सुनने वाला नहीं है।
