
बूंद बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण परेशान
कौशाम्बी संदेश आर्या शुक्ला
कौशाम्बी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक सांसद आदर्श ग्राम योजना का बुरा हाल है। चायल तहसील क्षेत्र के पहाड़पुर सुधवार गांव में बीते कुछ सालों पहले खंड विकास अधिकारी द्वारा गोद लिए गया था खण्ड विकास अधिकारी के गोद लिया गांव की हालत ऐसी की ग्रामीड बूंद बूंद पानी को लगभग 1 माह से तरस रहे है लेकिन कोई जिम्मेदार मौन धारण कर गोद लिया गया गांव की तरफ मुड़ कर देखना भी पसंद नही करते है सिर्फ कागजी कार्यवाही में गोद लेने का ढिढोरा पीटने वाले अधिकारी के खिलाफ प्रदेश की योगी सरकार आखिर कब कार्यवाही करेगी केंद्र की मोदी हो या फिर प्रदेश की योगी सरकार चाहे जितना भी गरीबों के लिए सुख सुविधा की व्यवस्था करवा दे लेकिन उनके जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी उमस भरी गर्मी में ऐसी कुलर की हवा लेकर पूरे दिन कुर्सियां तोड़ते हैं और शाम होते ही कागजी कोरम पूरा कर चले जाते हैं पहाड़पुर सुधवार गांव की स्थिति जस की तस है। कई साल बीत गए, लेकिन गांव की तस्वीर नहीं बदली। बजबजाती नालियां, खराब इंडिया मार्क, हैंडपंप और खराब गंदगी से भरी सड़कें गांव की पहचान बनी हुई हैं। इस उमस भरी गर्मी यहां पर पीने के पानी के लिए के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ेगा। आपको बता दें कि 15 दिनों से गांव में बनी पानी की टंकी की मोटर खराब है
चायल विकास खण्ड के आदर्श ग्राम पंचायत पहाड़पुर सुधवर गांव में पिछले एक माह से पेयजल आपूर्ति बनी पानी टंकी मोटर खराब है। जिसके चलते भीषण गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत से ग्रामीण जूझ रहे है। कई बार ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत को मरम्मत करवाने को कहा परन्तु किसी ने ध्यान नही दिया गया।ऐसे में ग्रामीण दूर से पानी टाली ड्रम साइकिल से ला रहे हैं वही गांव के घरेलु पशुओं के पीने के पानी की भी व्यवस्था नही होने जानवर प्यासे मर रहे है।
ज़िम्मेदार लोगों से इसकी मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने मौखिक और लिखित सूचना दी।
लेकिन अपनी ऑफिसों में लगे AC के कमरों से सरकारी मुलाजिम ग्रामीणों की इस जलापूर्ति की समस्या से रूबरू नही होना चाहते।
सांसद , विधायक द्वारा विकास के अनेक दावे किए गए लेकिन जलापूर्ति की इस बडी समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ। गांव के चौमुखी विकास से चकाचक होने की उम्मीद पाले यहां के ग्राम वासियों की उम्मीदें टूट रही हैं। यहां के अधिकारी जानबूझ कर यहां का विकास नहीं करना चाहते है। इस आदर्श गांव में सांसद और अधिकारी की उदासीनता से यह स्थिति कायम है।
