श्रीकृष्ण की बाल लीला एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर भाव-विभोर श्रोता*

बारा कौशाम्बी।* गोपाल मिश्र का पूरा में चल रही श्री मद भागवत कथा  में व्यास आचार्य देवब्रत  महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा में श्री कृष्ण बाल लीला, माखन चोरी व गोवर्धन पूजा प्रसंग श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का कथा में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण ने बृजवासियों को मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाकर रखा और गोप-गोपिकाएं उसकी ओट में सुखपूर्वक रहे।श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग का संगीतमय वर्णन किया। महाराज ने उधव चरित्र, महारास लीला व रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण से उन्हें पति रूप में पाने की इच्छा प्रकट किया।भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों की इस कामना को पूरी करने का वचन दिया अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान ने महारास का आयोजन किया।रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी को द्वारका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। यजमान मुनीश कुमार पाण्डेय सह पत्नी सुमन पाण्डेय लवलेश पाण्डेय शिवम पाण्डेय, अभय पाण्डेय, शिवबाबू पाण्डेय ,ननकऊ पाण्डेय ,बड़कू पाण्डेय, कपिल पाण्डेय,सुनील पाण्डेय सहित पाण्डेय परिवार के साथ साथ भक्त मौजूद रहे। आसपास के गांव में भक्ति का माहौल व्याप्त है।

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