कथा के छठवें दिन किया गया भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला का वर्णन

कौशाम्बी संदेश

प्रयागराज – कुम्भ के पावन धरा पर चल रही श्री मद भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास आचार्य अरुण दस जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की बल लीला का वर्णन किया। उनके मुख से प्रभु की कथा सुन मौजूद श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जयकारे लगे। श्री हरि के भजन से कथा की शुरूआत की उनके मुख से प्रभु को समर्पित नटखट नटखट नंदगोपाल…… भजन में मौजूद श्रद्धालुओं को भाव विभोर होकर झूमने पर विवश कर दिया।‌ इसके उपरांत कथा व्यास ने भक्तो को प्रभु श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा सुनाई।कहा कि जब प्रभु अपने बाल्यकाल में बासुरी बजाते थे तो हर कोई मंत्र मुग्ध होकर उनकी भक्ति में लीन हो जाता था। श्री कृष्ण भगवान ने बाल लीलाओं के माध्यम से यह ज्ञान दिया कि धर्म की रक्षा के लिए अधर्म करने वालों का नाश करना भी जरूरी है ।भगवान श्री कृष्ण कंस द्वारा भेजे गए असुरों का वध किया एवं अंत में कंश का भी वध कर धर्म की रक्षा की । कार्यक्रम में श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह की व्याख्या बहुत ही सुंदर तरीके से किया गया मालती यादव पुष्पा यादव सपना यादव कविता यादव आलोक आदर्श आजाद ज्ञान सिंह यादव विजय बहादुर यादव राजीव यादव अंशी यादव पलक यादव तमाम कल्पवासियों ने कथा का श्रवण किया

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