
कौशाम्बी संदेश
जनपद कौशांबी के छिमिरछा गांव स्थित गौशाला की बदहाल व्यवस्था ने शासन–प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। यहां चारे और पानी के अभाव में गौवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं, वहीं कई गायों की मौत की खबर से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। गौशाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में नियमित रूप से चारा और पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही है। परिणामस्वरूप गायें कुपोषण का शिकार हो रही हैं और उनकी हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। हड्डियों का ढांचा बनी गायें प्रशासनिक लापरवाही की गवाही दे रही हैं।बताया जा रहा है कि गौशाला संचालन के लिए आवंटित फंड का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने चारा-पानी में कमी, फंड के दुरुपयोग और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। हैरानी की बात यह है कि एक ही अधिकारी के पास दो पदों का जिम्मा होने के बावजूद गौशाला की निगरानी ढंग से नहीं हो पा रही है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।गांव के लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो गौवंश की जान यूं ही जाती रहेगी।वायरल वीडियो के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। देखना यह होगा कि मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग कब तक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है, या फिर गौशाला की बदहाली ऐसे ही अनदेखी की शिकार बनी रहेगी।

