
झूठी सूचना देने वाली महिला पर कार्रवाई क्यों नहीं? कोखराज पुलिस पर सवाल
कौशांबी संदेश
थाना कोखराज क्षेत्र के करेंटी गांव में सोना-चांदी व नकदी चोरी की सूचना से मचे हड़कंप का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला। चोरी की सूचना देने वाली महिला ने बाद में अपना बयान बदलते हुए स्वीकार किया कि उसने परिवार के सदस्यों को फंसाने के उद्देश्य से झूठा ड्रामा रचा था।जानकारी के अनुसार करेंटी गांव निवासी रमेश पुत्र राम कुमार के परिवार की एक महिला ने कोखराज थाना पुलिस को सूचना दी थी कि परिवार के सभी सदस्य दावत में गए थे। वापस लौटने पर घर का ताला व अलमारी टूटी मिली और सोना-चांदी के जेवरात व नगदी चोरी हो गई।
सूचना मिलते ही कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना के समय घर में परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे और न ही घर का ताला बंद था। इससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने स्वीकार किया कि उसने पारिवारिक विवाद के चलते परिजनों को फंसाने के लिए चोरी की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने महिला के कब्जे से कथित चोरी के सोना-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिए।
बताया जा रहा है कि महिला ने अपना शिकायती प्रार्थना पत्र भी वापस ले लिया है। पुलिस जांच में पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश निकला।
बड़ा सवाल
जब पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि चोरी की सूचना झूठी थी और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया, तो झूठी सूचना देने वाली महिला पर अब तक कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?क्या कोखराज थाना पुलिस ऐसे मामलों में मेहरबान रवैया अपनाए हुए है, या फिर नियमों को ताक पर रखा जा रहा है?

