
कौशाम्बी संदेश अमित कुशवाहा
कौशाम्बी जिले के विकास खंड मूरतगंज के अंतर्गत स्थित कम्पोजिट विद्यालय पट्टीनरवर में गणतंत्र दिवस जैसे पावन राष्ट्रीय पर्व पर भारतीय तिरंगे के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। आज दिनांक 26 जनवरी 2026 को विद्यालय परिसर में अध्यापकों द्वारा तिरंगे का केवल औपचारिकता निभाते हुए दिखावटी सम्मान किया गया, लेकिन सूर्यास्त के बाद भी राष्ट्रीय ध्वज को यथास्थान लगा छोड़ दिया गया, जो कि कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत सूर्यास्त के बाद राष्ट्रीय ध्वज को फहराए रखना स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आना न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता और सम्मान के साथ सीधा खिलवाड़ भी माना जा रहा है।स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर तीव्र आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालयों में ही राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता नहीं है, तो बच्चों में देशभक्ति और अनुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिम्मेदार अधिकारी—चाहे वह बेसिक शिक्षा विभाग हो या जिला प्रशासन—इस गंभीर लापरवाही पर कब और क्या कार्रवाई करते हैं। क्या दोषी अध्यापकों पर कानून के तहत कार्रवाई होगी या मामला भी अन्य प्रकरणों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

