
कौशाम्बी संदेश
योगी सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति को खुली चुनौती, प्रशासन मौन
कौशाम्बी। जनपद में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के दावों के बावजूद कटैया घाट से होकर गुजरने वाले ओवरलोड बालू वाहनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सवाल यह उठता है कि आखिर ये ओवरलोड वाहन किसके रहमो-करम पर बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं? क्या प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह संभव है?
सराय अकिल थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी ओवरलोडिंग
सराय अकिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटैया घाट पर अवैध बालू खनन और ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही चरम पर है। सरकार की स्पष्ट नीति होने के बावजूद बालू माफिया बेखौफ होकर कारोबार कर रहे हैं। योगी सरकार ने ओवरलोडिंग और अवैध खनन के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है।
प्रशासनिक मिलीभगत या लचर व्यवस्था?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के संचालन में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। रोज़ाना सैकड़ों की संख्या में बालू से लदे ओवरलोड ट्रक हाईवे और ग्रामीण सड़कों से होकर गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है।
कौन है ये बालू माफिया?
यह सवाल हर किसी की जुबान पर है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है? क्या इस खेल में बड़े रसूखदारों का हाथ है? यदि सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं, तो प्रशासन इन्हें लागू करने में नाकाम क्यों हो रहा है?
योगी सरकार की सख्ती के बावजूद जारी मनमानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती जा रही है। बावजूद इसके, कौशाम्बी में बालू माफिया खुलेआम सरकार की नीतियों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
क्या होगी सख्त कार्रवाई?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक चुप्पी तोड़ता है और क्या वाकई अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर कोई ठोस कार्रवाई होगी, या फिर यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?

Author: Kaushambi Sandesh
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