
कौशाम्बी संदेश निरंजन
कौशाम्बी: स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत चायल में लाखों रुपये की लागत से बने सार्वजनिक शौचालय पर ताला लटक रहा है। सरकार ने इसे जनता की सुविधा के लिए बनवाया था, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह उपयोग में नहीं आ रहा। नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी शौचालय की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। शौचालय के निर्माण के बाद इसकी सफाई, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे इसे आम जनता के लिए खोला ही नहीं गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों से शौचालय खोलने और व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। अधिकारी न तो जनता की परेशानियों को गंभीरता से ले रहे हैं और न ही सरकार की योजनाओं को सही तरीके से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।
नगर पंचायत प्रशासन की अनदेखी का आलम यह है कि लोग खुले में शौच करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को इसकी कोई परवाह नहीं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी मौके पर निरीक्षण तक करने नहीं पहुंचे। इस शौचालय के निर्माण में लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यदि इसका उपयोग ही नहीं हो रहा, तो यह सरकारी धन की बर्बादी नहीं तो और क्या है? नगर पंचायत के अधिकारी जनता की मूलभूत जरूरतों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे सरकार की मंशा पर भी पानी फिर रहा है। अब सवाल यह उठता है कि नगर पंचायत के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी कब निभाएंगे? क्या कोई उच्चाधिकारी इस लापरवाही पर संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर यह शौचालय यूं ही बेकार पड़ा रहेगा? जनता अब सरकार और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रही है।

Author: Kaushambi Sandesh
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